ज़िंदगी सतत संग्राम

ज़िन्दगी सतत संग्राम हैं यारों
यहां हर चीज़ की लड़ के हासिल होती है

कोई हमे रास्ता नहीं देता
खुद ही रास्ता बनाने की कोसिस करनी होती है

हार मान लेने से
लक्ष्य को पाने में मौत को गले लगाना कही बेहतर हैं

क्यों कि हारे हुए
और मरे हुए कोई भेद नहीं होता

ज़िन्दगी सतत संग्राम हैं यारों
यहां हर चीज़ की लड़ के हासिल होती है

Comments

11 responses to “ज़िंदगी सतत संग्राम”

    1. Antariksha Saha Avatar
      Antariksha Saha

      Thanks

    1. Antariksha Saha Avatar
      Antariksha Saha

      Thanks

    1. Antariksha Saha Avatar
      Antariksha Saha

      Thanks

  1. Antariksha Saha Avatar
    Antariksha Saha

    Thanks

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

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