प्रेम कविता

प्रेम कवितासबने प्रेम पर
जाने क्या-क्या लिखा
फ़िर भी अधूरी ही रही
हर प्रेम कविता

Comments

2 responses to “प्रेम कविता”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close