Ashmita Sinha, Author at Saavan's Posts

आरजू

क्या आरजू है दिल की क्या बताएं बस इक आह है जो दिल में बसी है »

अधूरी नज्म

लफ्ज़ो में कहाँ बयां होती है मोहब्बत जब बेहिन्तहा होती है हम ही थे जो ये खता कर बैठे अब नसीब में बस अधूरी नज्म होती है »

ज़िन्दगी ने मुझको जीना सिखा दिया

ज़िन्दगी ने मुझको जीना सिखा दिया

ज़िन्दगी ने मुझको जीना सिखा दिया अकेले होकर भी खुश रहना सिखा दिया रहती है यादें अब खुशियों के दरम्या यादों ने आसूंओ से दामन छूड़ा लिया »

हर चेहरा नकली है

हर चेहरा नकली है, हर रूह खुदगर्ज यहां उस रूह को ढूंढ़ रही हूँ जो हो अपनी यहां न कोई मुखोटा हो, न दीवारें हों रूह से रूबरू हो हर रिश्ता यहां »

दरारे ही दरारे

दरारे ही दरारे है आज रिश्तों जे दरम्यान कहीं आँसू है तो कहीं नफरत की दास्तान »

पहले से ज्यादा

जिन्हें चाहते थे खुद से भी ज्यादा न निभा सके वो अपना वादा तन्हा जब छोड़ दिया जमाने ने हमको हम खुद के करीब हो गए पहले से ज्यादा »

तेरे साये में बस हमे रहना है

नजरो से तुम क्या बयां करते हो करीब आ कर कहो जो कहना है हँसी नजारे न सही, अंधेरा ही सही तेरे साये में बस हमे रहना है »

अंधेरा

रोशनी तो रुखसत हो गयी है अरसे पहले अंधेरा है जो अब तलाक साथ है मेरे »

मेरे शिक्षक

मेरे जीवन के अहम इंसान तुम्ही से स्पन्दित यह विश्व महान सरस्वती माँ के तुम सारथी हो तुम्ही से ज्ञान की गंगा का उत्थान मेरा नमन स्वीकार करें पथ मेरा आप सदा प्रदर्शित करें अपने आदर्शों के पाठो से मेरा भविष्य होगा महान »

राखी का त्योहार है आज

राखी का त्योहार है आज, आजादी का जशन भी है बहन की खातिर जीना भी चाहता हूँ देश पर मार मिटाने का मन भी है। (देश के सैनिक की मन की बात) »

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