वही पुरानी तसल्ली

खूब निभाया था जिसने वो मुश्किल की बात थी
मिला मुकद्दर मे जो मेरे meri औकात थी
Rajjneesh

Comments

4 responses to “वही पुरानी तसल्ली”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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