मुझे उड़ने दो

पाषाण से दरिया बनने दो ,
मुझे अपने हक में लड़ने दो।
मैं छुईमुई सी गुड़िया नहीं ,
मुझे लक्ष्मीबाई बनने दो ।
आजाद परिंदा बनने दो,
ना काटो पंख मुझे उड़ने दो।

निमिषा सिंघल

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