मेरे कातिल गर वापस आए
तो आंखों में शिकायतें पढ़ लेना
होठों का फड़कना देख लेना
धड़कनों की आवाजाही सुन लेना
मेरी रूह की तड़पन महसूस तो करना
यदि तुम्हें इश्क है मुझसे
निमिषा सिंघल
मेरे कातिल
Comments
7 responses to “मेरे कातिल”
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Nice
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आभार
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Good
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Thank you
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वाह बहुत सुंदर
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Thank you
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Wah
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