करवा चौथ

आज बहुत सुन्दर लग रही हो तुम
इस चाँद से चेहरे पर कुछ कहना चहुँ तो
पहले ही शर्मा कर हाथो से
चेहरे को ढक लेती हो तुम.

मुझे देखकर जो तेरे चेहरे की
लालिमा बढ़ती जाती है
देख- देख तुझे मेरे दिल की कलि
खिलती जाती है.

सबको रात का इंतजार है
देखने चमकते चाँद को दिल बेक़रार है
इतना सुन्दर श्रृंगार किया है
दिल तो लूटने को भी तैयार है.

आज सुनती सभी महिलाये
करवा चौथ की कहानी
सुनो प्रिया, श्रृंगार सहित श्रृंगार रहित
तुम ही सदा रहोगी मेरे दिल की रानी.

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