रक्तिम अधर रक्तिम कपोल
श्याम वरण था उसका।
कजरारी नयना थी उसकी
नरम चरण था उसका।
घुंघरे घुंघरे बाल थे उसके
मेरा वो चितचोर था।
विनयचंद वो रसिया जिसका
नाम नन्दकिशोर था।
नन्दकिशोर
Comments
6 responses to “नन्दकिशोर”
-
Nice
-

Nice
-

Jai shri krishna
-
Wah
-

वाह
-
Nice
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.