गुरु वंदन

हे गुरुवर गुणशील आगारा। चरण कमल बन्दौं मैं तुम्हारा।। तेरी कृपा ने चलना सिखाया। जीवन के अंधकार मिटाया।। अग जग में किया उजियारा। चरण कमल…

भजन

राम नाम रट मनवा मेरे जीवन सफल बना ले। नर देही न व्यर्थ गमाओ कुछ तो पुण्य कमा ले।। दुख दरिया है जीवन तेरा नित…

प्रार्थना

प्रभु तुम्हारे चरणों में प्रातः वन्दन करता हूँ। जग का संकट दूर करो पीड़ित क्रन्दन करता हूँ।। व्याकुलता में सब जन तेरे कोरोना के मारे…

वर स्वरुप में बमबम : अनुदित रचना

वर स्वरुप में बमबम मालतीमालया युक्तं सद्रत्नमुकुटोज्ज्वलम्। सत्कण्ठाभरणं चारुवलयाङ्गदभूषितम्।। वह्निशौचेनातुलेन त्वतिसूक्ष्मेण चारुणा। अमूल्यवस्त्रयुग्मेन विचित्रेणातिराजितम्।। चन्दनागरुकस्तूरीचारुकुङ्कुमभूषितम्। रत्नदर्पणहस्तं च कज्जलोज्ज्वललोचनम्।। . भाषा भाव मालती बड़ माल शोभित,रत्न…

दुलहिन गिरिजा माता : अनुदित रचना

दुलहिन गिरिजा माता सुचारुकबरीभारां चारुपत्रकशोभिताम्। कस्तूरीबिन्दुभिस्सार्धं सिन्दूरबिन्दुशोभिताम्।। रत्नेन्द्रसारहारेण वक्षसा सुविराजिताम्। रत्नकेयूरवलयां रत्नकङ्कणमण्डिताम्।। सद्रत्नकुण्डलाभ्यां च चारुगण्डस्थलोज्ज्वलाम्। मणिरत्नप्रभामुष्टिदन्तराविराजिताम्।। मधुबिम्बाधरोष्ठां च रत्नयावकसंयुताम्। रत्नदर्पणहस्तां च क्रीडापद्मविभूषिताम्।। भाषा भाव केशपाश…

पीले खेत

आया है मधुमास मास माघी का पावन। नव किसलय तरु शोभित क्या उपवन क्या कानन।। फूलों की क्यारी सज गई सारी रंग-बिरंगे फूलों से। कोयल…

गठबंधन

तीन छात्र थे केवल कक्षा में। आ बैठ गए तीनों परीक्षा में।। प्रथम श्रेणी में पास किया एक दूजा द्वितीय दर्जे को पाया। तीजा तेतीस…

थल सेना दिवस पर देशक सिपाही केर सम्मान में मिथिला केर भाव

हमर देशक सिपाही हमर शान छै। देशक रक्षा में जिनकर प्राण छै।। नञ भोजन केॅ कोनो फिकीर छै। नञ छाजन केॅ कोनो फिकीर छै।। जाड़…

हिन्दी का समुचित विकास कैसे हो?

आखिर हिन्दी का विकास कैसे हो, एक विचारणीय विषय है। हिन्दी दिवस पर अपने मित्रों एवं सहकर्मियों को बधाई देकर एक औपचारिकता पूर्ण करने मात्र…

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