ओ श्याम रे…..
कहा छुपे हो मोरे श्यामरे,
तुझे ढूंढे मोरे नैना,
तेरे बिन मुझे ना एक पल चैना,
छोड़ सखी तुझसे मिलने आई,
करके लाख उनसे बहाने,
तेरी बंसी की धुन सुनने को आई,
तू कहां छुपे हो मोरे श्याम,
तुझे ढूंढे मोरे नैना,
मैंने तुझे वृंदा की गलियों में ढूंढा,
जाकर यशोदा मैया से पूछा,
कहां छुपे हो मोरे श्याम,
तुझे ढूंढ मोरे नैना,
मुझे पता है तुम कहां मिलोगे,
यमुना तट है तेरा बसेरा,
वही मिलोगे मोरे श्याम,
तुझे ढूंढे मोरे विकल नैना |
O syamre
Comments
14 responses to “O syamre”
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Nice
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Thanks
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Nice
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Thanks
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सुंदर
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Thanks
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वाह
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Thanks
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Nice
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Thanks
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-
वाह
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