प्रवासी मजदूर मजदूर हूं, मजबूर हूं, कैसी है तड़प हमारी, या हम जाने, या रब जाने, आया कैसा चीनी कोरोना, ले गया सुख-चैन हमारा, जेब में फूटी कौड़ी नहीं, छूट गया काम- धाम हमारा, खाने […]

है लाख सितम ढाहे, ऐ जिंदगी, शिकवा करूं मैं किससे किससे, मिलता नहीं सभी को जन्नत, सुख दुख दो पहलू हैं जिंदगी के, है आरजू पाने की जन्नत तो पार कर लेते हैं आग का […]

किसी नाजुक कली सी, आंखें कुछ झुकी हुई शरमाई सी, हौले हौले दबे पांव आई ही गई सर्दी सलोनी सी, खिली हुई मखमली धूप में, आई किसी की याद सुहानी सी, दबी दबी मुस्कुराहट, होठों […]

बरसों बीत गए, तुमसे बिछड़े हुए, पता नहीं कहां, तुम चले गए, एक आंधी सी आई, और तुम चले गए, रह गई बाकी, बस तेरी यादें, तेरी बेपरवाह हंसी के फव्वारे, तेरी चंचल आंखों की […]

गर दिल में हो जुनून, मंजिल पा ही लेंगे हम, हो रास्ता कठिन, पर हो हौसला बुलंद, मंजिल पा ही लेंगे हम, हो तूफानों की डगर, पर हो साथ हमसफर, मंजिल पा ही लेंगे हम […]

सलाम है तेलंगाना पुलिस को, जिन्होंने न्याय त्वरित दे ही दिया, है सीख लेने की बाकी प्रदेशों की पुलिस को, जैसे उन्होंने एनकाउंटर किया, बनेगा डर उन भेडियो को, सोचेगे सौ बार वो गुनाह करने […]

आज शर्मसार हो रही यह पावन धरती, नीलाम हो रही मां बहनों की इज्जत, भटकते इन भूखे भेड़ियों से, है निवेदन सभी माताओं से, संस्कार दे बच्चों को ऐसी, जो दूषित न करे समाज को, […]

मां बाबा अनमोल है दोस्तों, गलती से भी इन्हें तुम न ठुकराना, किस्मत वाले को मिलता है इन दोनों का प्यार दोस्तों, इनकी इज्जत तुम करना, हीरे मोती फिर से तुम पा लोगे दोस्तों, मां […]

सब है यहां, एक तू ही नहीं, जाने क्या खता हुई मुझसे, और तुम चल दिए दूर मुझसे, याद तेरी दिल से जाती नहीं, तुझ बिन कहीं जी लगता नहीं, चाहता है दिल तुम होते […]

कहती है सरकार यहां, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, पर कहां सुरक्षित है बेटियां यहा, कभी था हमारा देश, सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा, अब तो इंसानियत न बची यहां, अब तो जमीर मर गई […]

कहती है सरकार यहां, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, पर कहां सुरक्षित है बेटियां यहा, कभी था हमारा देश, सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा, अब तो इंसानियत न बची यहां, अब तो जमीर मर गई […]

वारिस था एकलौता उसका, नाजो से पाला था उसने, दी थी शिक्षा अच्छी उसकी, क्या क्या जतन किए थे उसने, लायक आदमी बनाने के लिए उसे, मालूम क्या था उसे, जाकर विदेश भूल जाएगा उसे, […]

फिर आई वो ठिठुरन की रात, वो कुहासो भरा सवेरा, वो सिली सिली ठंड की रात, फिर आई वो याद गरम गरम चाय की चुस्की वाला सवेरा, तेरा मुझे चिढाना, और रूठना मेरा, फिर तेरा […]

ओ श्याम रे….. कहा छुपे हो मोरे श्यामरे, तुझे ढूंढे मोरे नैना, तेरे बिन मुझे ना एक पल चैना, छोड़ सखी तुझसे मिलने आई, करके लाख उनसे बहाने, तेरी बंसी की धुन सुनने को आई, […]

दिल में उम्मीदों का दीपक जलाकर, कर रही हूं मैं तेरा इंतजार, घडी इंतजार की लंबी हो रही है, अब चले भी आओ मेरी जान जा रही है, ओ चांदनी न जाना तुम, जब तक […]

खड़ा हिमालय सिखा रहा, धीर और गंभीर बनो, नदियों की चंचलता सिखा रही, जीवन को नीरस मत करो, हरे भरे पेड़ यह सिखा रहे, पाकर कुछ देना सीखो, मिट्टी हमें यह कह रही, जीवन में […]

इस तन्हाई के रेले में, आ जाते हो तुम खयालो में, याद तेरी दिल से जाती नहीं, कहां हो तुम खबर आती नहीं, कैसे दूं मैं दिल को सुकून कि मुकद्दर में अब तुम नहीं […]

इस तन्हाई के रेले में, आ जाते हो तुम खयालो में, याद तेरी दिल से जाती नहीं, कहां हो तुम खबर आती नहीं, कैसे दूं मैं दिल को सुकून कि मुकद्दर में अब तुम नहीं […]

ओ रैना, तुझे मैं क्या कहूं? रात कहूं, रैना कहूं या निशा कहूं, मिलता है दिल को सुकून, साये में तेरे, मिट जाती है सारी थकान, साए में तेरे, प्यारे लगते हैं नजारे, जब टिमटिमाते […]

नन्ही सी परी थी तुम, जब आई थी गोद में मेरे, सपने जो संजोए थे मैंने, एक बेटी हो प्यारी सी, वो कर दिया था पूरा, मेरी गोद में आकर तूने, न जाने कितनी लोरियां […]

कश्ती को किनारे लगा दो, मेरी नैया को अब तुम ही संभालो, बीच भंवर में फंसी है मेरी नैया, अब तुम ही इसे पार लगा दो, तू ही साथी, तू ही सहारा, तू ही है […]

कश्ती को किनारे लगा दो, मेरी नैया को अब तुम ही संभालो, बीच भंवर में फंसी है मेरी नैया, अब तुम ही इसे पार लगा दो, तू ही साथी, तू ही सहारा, तू ही है […]

ऐ जिंदगी, तू गम की राहों से निकल, चल जहां गम के साए न हो, चल वहां जहां खुशियों की जन्नत हो, बहारे आएंगी और जाएंगी, जीवन तो सुख और दुख का मेला है, उसी […]

ऐ जिंदगी, तुम गम की राहों से निकल, चल जहां गम के साए न हो, चल वहां जहां खुशियों की जन्नत हो, बहारे आएंगी और जाएंगी, जीवन तो सुख और दुख का मेला है, उसी […]

जीवन के इस राह में, कौन है अपना कौन पराया, जो साथ दिया हो दुख में, उसे ही तुम अपना समझो, जो झटक दिया हो दुख मे, उसे ही तुम पराया समझो, कुछ ऐसे भी […]

तेरे आने से बाहरे आती है, तेरे जाने से बाहरे जाती हैं, महफिल मे गर आ जाओ तुम तो चार चांद लग जाए, मौसमे बाहरे महफिल में छा जाए, कितना चाहती हूं तुझे यह पता […]

बातों को कुछ तोल के, मीठे बोल तू बोल ले, बानी में मिश्री घोल के, सबको खुश तू कर दे, जग ये तेरा न मेरा है, एक दिन सबको जाना है, क्या पाएगा किसी को […]

तुझे मेरी याद न आई, ओ कान्हा तूने कैसी ये प्रीत निभाई, छोड वृंदावन चले गए तुम, लौट के फिर आए नहीं तुम, हमजोली संग रास रचाया, गोपियों को भी खूब सताया, ,तूझ बिन मै […]

दिल चाहता है, ऊरू बादलों संग, चलूं हवाओं के संग, भूल के अपने सारे गम, ऊरू मै गगन में चिड़ियों के संग, करूं मैं बातें उनसे पल भर, सुख और दुख है जिंदगी के पल, […]

चांद सा मुखड़ा है तेरा, समंदर से गहरी है आंखें तेरी, जुल्फें हैं घनेरी तेरी जो बिखर जाए तो दिन में रात हो जाए, चाल है मतवाली तेरी जिस पर किसी का भी दिल फिसल […]

चांद सा मुखड़ा है तेरा, समंदर से गहरी है आंखें तेरी, जुल्फें हैं घनेरी तेरी जो बिखर जाए तो दिन में रात हो जाए, चाल है मतवाली तेरी जिस पर किसी का भी दिल फिसल […]

न जाने तुम कहां खो गए, हम यहां तेरी याद मे खो गए, तेरे बिन न जाने कैसे बीते रात ये दिन, तुम मुझे यूं तन्हा कर गए, कभी तुझे मेरे बिन एक कदम भी […]

दीपावली है खुशियों का त्योहार पर यहां सब इसे प्रदूषण का जरिया बना बैठे हैं, यहां सभी बहरे बन बैठे हैं, लगता है कानों में तेल और रुई दे बैठे हैं, फिक्र नहीं कोई जिए […]

चाहता दिल सदा से मुझे, इन पर्वतों की श्रृंखलाओं में, इन नदियों की चंचलता में, इन झडनो की घुंघरू में, इन देवदारो की घनेरी छाव मे, इन वादियों मैं कहीं खो जाऊं, आती है मिट्टी […]

आओ मनाएं हम ऐसी दीवाली, जिसमे न हो प्रदूषण का नामोनिशा, तब होगी हमारी सच्ची दिवाली, खुशी ऐसी किस काम की, जिससे हम सारे हो परेशा, आओ मनाए हम ऐसी दीवाली, जिसमें न हो प्रदूषण […]

न जाने तुम कहां खो गए, भरी दुनिया में जाने कहां खो गए, हम यहां तेरी याद में भटकते रह गए, हर शख्स में ढूंढा मैंने तेरा चेहरा, मिले न तुम बस तुम तन्हा कर […]

न रात को नींद न दिन को चैन है, तेरी वेरूखी से दिल बडा बेचैन है, जब तक चाहा दिल से खेला तुमने, भर गया जी तो पलटकर देखा भी नहीं तुमने, तेरी बेवफाई बहुत […]

टुकड़ा हो तुम दिल का, मुराद हो तुम मन का, भोला है तू मन का, शैतान भी है तू बडा, मेरा तू है लाडला, अगर मैं रूठ जाऊं तो, तुझे चैन नहीं आता, तुझे मेरी […]

आती है बहुत ही याद तेरी, तेरे जाने के बाद तेरी, कब तक तुम आओगे यहा, यह खबर नहीं है तेरी, महफिल है सजी यहां, बस तुम ही नहीं हो यहा, घर आ जाओ तुम […]

बनते हैं ऐसे गुनाहगार, नशे की लत ने ले ली जिंदगी, उसके भाई और पिता की, फिर वह जैसे तैसे पला फुटपाथ पर, फिर उसे भी लगी आदत नशे की, करने के लिए नशा वो […]

बनते हैं ऐसे गुनाहगार नशे की लत ने ले ली जिंदगी उसके भाई और पिता की फिर वह जैसे तैसे पल्ला फुटपाथ पर फिर उसे भी लगी आदत नशे की करने के लिए नशा वो […]

एक आवाज देकर, मुझे बुला लो तू सनम, दौड़ी चली आऊंगी, कुछ नहीं सोचूंगी सनम, तूने अब तक मुझे, पुकारा ही नहीं, तूने अब तक मुझे, ठीक से जाना ही नहीं, मैं तो तेरे प्यार […]

क्यों ये ऊंच-नीच की दीवार है? आते हैं दुनिया में सभी तो, खाली हाथ ही होता है सभी का, क्यों यह जात पात की दीवार है? एक सा रंग होता है सभी के लहु का, […]

ऐ भारत के अमीरों, जरा देखो इन गरीबों को, फटे हैं कपड़े तन पर इनके, उजरे हैं बाल इनके, दो वक्त की रोटी नहीं नसीब में इनकी, बच्चे इनके हैं भूख से बिलख रहे, किसी […]

तेरी महफ़िल में सनम, कभी आएंगे न हम, चाहे तुम कितनी गुजारिश कर लो, हम न कभी आएंगे सनम, इस कदर हम इतनी दूर निकल आए हैं हम, तेरी महफिल में सनम, कभी आएंगे न […]

सृजन प्रकृति का मनमोहक है बड़ा, इंद्रधनुषी रंगों से सजा ये दृश्य प्रकृति का, मनमोहक है बड़ा, ये नदियां अल्लड बाला सी, अठखेलियां करती हुई, ये ऊंचे ऊंचे पहाड़ उसे प्यार से निहारते हुए, ये […]

मेरे देश के किसान, तू अब जाग, कर हिम्मत, ना तू अब ऐसे मर, तेरी मेहनत एक दिन रंग लाएगी, तू अब ऐसे ना डर, कर दो देश को अब तू खबर, जी रहे हैं […]

प्रेम ने दिया है किसी को गम, तो दी है किसी को खुशियां, कोई तन्हाई में जलता है तो, किसी को मिलता है सनम का साथ, क्यों नहीं मिलता सभी को प्रेम की बरसात, हुए […]