Poonam singh, Author at Saavan's Posts

Kaha chupe ho mere syamre

ओ श्यामरे कहां छुपे हो मोरे श्यामरे, तेरे दरस को अखियां तरस गई मोरे श्यामरे, मेरे मन मंदिर में तू ही तू बसा मोरे श्यामरे, मोहिनी सूरत लट घुघराले तेरे श्यामरे, उस पर से यह मोर मुकुट बड़ा प्यारा लागे मोरे श्याम रे, अधर पर मुरली शोभे तेरे श्यामरे, और यह पितांबर बड़ा ही प्यारा लागे मोरे श्याम रे, तेरी मुरली की धुन सुन राधा नाची मीरा नाची, मैं भी तो नाचू मोरे श्यामरे, ओ श्याम रे कहां छुपे हो मोरे श्याम... »

Kitni pyari hai ye dharti

कितनी प्यारी है ये धरती, ऊपर अंबर ये नीले नीले, नीचे हरियाली ये धरती, ऊपर सूरज चंदा ये तारे, नीचे जीव जंतु ये सारे, ऊंचे पहाड़ ये प्यारे-प्यारे, नीचे नदियां खाई ये गहरे, ऊपर बादल ये काले काले, नीचे ठंढे झील ये झडने, इतने सुंदर ये बाग बगीचे, छोटे बच्चे ये प्यारे प्यारे, प्यारी प्यारी यै ठंढी हवाएं, प्यारे- प्यारे ये बारिश के झोंके | »

Kanha tu hi ho hamare palanhare

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…. तू ही तो हमारे सहारे, तुम आ जाओ फिर एक बार ओ मुरली वाले, तेरी मुरली की धुन सुने हम भी ओ बंसी वाले , कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…… मोर मुकुट बड़ा प्यारा लागे ओ यशोदा के दुलारे, हम भी तो देखें ये नजारे, कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे……. माखन चोर तुझे नाम मिला ओ मुरली वाले, फिर एक बार तू माखन चुराओ ओ बंसी वाले, कान्हा तू ही हो हमारे पा... »

Mera Sauk nahi hai majduri

मेरा शौक नहीं है मजदूरी , बस हालात की है मजबूरी, चाहे हो चिलचिलाती धूप , चाहे हो कड़ाके की ठंड , चाहे हो सावन की बरसात, आप बैठे थे एसी कूलर में, हम कर रहे थे मजदूरी , मेरा शौक नहीं है मजदूरी, बस हालात की है मजबूरी, रहने को अपना घर नहीं, हम महल बना कर देते हैं, बस इतनी सी इच्छा रखते हैं | मेरे बच्चे ना रहे भूखे उनके भी अरमान कुछ पूरे हो तालीम पा सके आप की तरह है फटे कपड़े तन पर मेरे पर खुशियों की च... »

Lo a gaya garmi ka mausam

लो आ गया, गर्मी का मौसम दहकता सूरज, चिलचिलाती धूप, उमस दोपहर, बहता लूं….. बहता पसीना, लगता गुस्से में लाल है सूरज, मानो कह रहा हो सूरज, बुराई अब कम करो तुम मानव, सच्चाई को मत रोको तुम मानव, सीखो कुछ इनु बेजुबानो से तुम, लड़ाई ईर्ष्या द्वेष किस बात की मानव, फिर तो सबको एक दिन जाना है, मिलकर रहने में ही भलाई है मानव | »

Rimjhim savan ki barsat

रिमझिम सावन की बरसात उस पर आए तेरी याद…….. भीगी भीगी सावन की वो रात, हौले हौलै बारिश की वो रात, टिम टिम करते तारों की वो रात, पल पल आए तेरी यादों की बारात, जुगनू भी सम्मा जलाए उस रात, चंदा भी राह दिखाए उस रात. कोयल भी गीत सुनाए उस रात, मोर भी नाच दिखाए उस रात, याद आए सावन के झूलों की वो रात, याद आए तुमसे मुलाकात की वो रात | »

Ai savan ki fuhar

आई सावन की फुहार , छाई रूत में खुमार, घटाएं छाई है घनघोर, रह-रहकर दामिनी दमके, हवाएं मचा रही शोर, बारिश की लगी है झडी, जैसे झरनों की हो फुलझड़ी, भीगा भीगा सा ये रुत है , भीगा भीगा सा यह मन है, भीगा भीगा सा यह तन है, मयूरा नाच रहे छमाछम, कोयल भी लगा रही है तान | »

Tu man ki ati bholi ma

तू मन की अति भोली मां, दूजा नहीं तुझ सा प्यारा मां, ऊपर वाले की सूरत में, तू ही तू बस दिखती मां , मुझे जब नींद न आती , लोरी गा कर तू सुलाती मां, मुझे जब भी भूख सताती, झट से तू खाना दे देती, मुझे जब कोई कष्ट होता , खुद बेचैन हो जाती मां , तू ही मंदिर तू ही मस्जिद, तू ही है गुरुद्वारा मां , तेरे चरणों के सिवा और कहीं न जाना मां , ऊपर वाले की सूरत में , तू ही तू बस दिखती मां| »

Beba ankhe

उन बेवा आंखों का आलम मत पूछो, सूख गए हैं आंसू उन बेवा आंखों की , बसे थे जिनमें हजारों सपने, टूट गए है वे सारे सपने, बह गए हैं वे झरने सारे, चले गए हैं दिन बहार के , अब तो सावन भी लगे सुखा सा , होली दिवाली में अब वो बात कहां , जीवन भी लगे सुना सुना सा , अब पहले जैसी बात कहां , सजना सवरना भी लगे गुनाह सा , हर पल किसी को ढूंढती है वो आंखें …… »

Teri yade

तेरी यादों की जागीर है जन्नत मेरी , हर पल हर छण तुम ही को देखती है आंखें मेरी , नजर तो आओ तुम ही को ढूंढती हैं आंखें मेरी , तेरे सिवा किसी को नहीं देखती हैं आंखें मेरी , अब चले भी आओ कि सूनी है आंखें मेरी , इन हवाओं से कह दो ना रास्ता रोके तेरी , यह दुनिया विरान है बस तुझ बिन मेरी….. »

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