” देशहित में जो प्राण हते, वही माई का लाल हैं।
सीमा पर करे सुरक्षा,जागे दिन हर रात है।
उन सपूतो को वन्दन करता,मेरा देश महान है।
उन्ही के कारण हम है सुरक्षित, उन्ही से अपना मान है।
सर्दी,गर्मी ,बारिश में भी वो हमेशा तैनात है।
और हर हाल दुश्मन को देता मात है।
उन रण बांकुरों को “अभिषेक” दिल से करता सम्मान है।
उन्ही से पावन धरा का पल पल बढ़ता मान हैं। ”
माई का लाल
Comments
5 responses to “माई का लाल”
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सुंदर
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Thanks
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Jai ho
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Jai jawan
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सुन्दर
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