तस्वीर

जीवन की कड़वी सच्चाई एक माला चढ़ी तस्वीर में छिपी है कुछ समय पश्चात हो तस्वीर भी नहीं रहेगी।
याद का क्या है याद तो आती जाती रहेगी,
धूमिल हो जाएगी दूर जाती रेलगाड़ी की तरह।
इस जग में अमर रहने के लिए,
कुछ अच्छे कर्म जरूरी है।
जो आपको जिंदा रखेंगे युगों युगों तक
आपको सिर्फ तस्वीर नहीं बनना यह याद रहे।
निमिषा सिंघल

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