इस लेखनी से लेख लिखे तो
श्याम रचे मतवाले
इस लेखनी से पल में धराधर
अपने केस सवारे
इस लेखनी ने लिख दिखाइ
रामायण की गाथा
भारत के इतिहास को इस बिन
कोई जान न पाता
सारंग थामे बैठी रण मे
भूपो की पटरानी
इसके लेख से बांट रही है
अचला को सेठानी
इसके लेखनी हिला के रख दिए
राजाओं के आसन
फैला कर झोली मांग रहे हैं
अपनी प्रजा से राशन
इसके लेख से हर पन्ने पर
भाषाओं की टोली
मेदिनी बूंद बटोर रही
फैला कर अपनी झोली
इसके लेख ने नाप दिखाया
भारत मां का शीश
सरहद पर मां भेज रही है
बेटे को आशीष
लेखनी
Comments
8 responses to “लेखनी”
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Nice
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🙏🙏
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वाह खूब
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Thanks 🙏🙏
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Correct
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Thank you
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😀😀
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💐💐💐
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