चिट्टियां

आरज़ू थी कि मेरे हाथ में तेरा हाथ होगा….
क्या खबर थी कि
हाथ सिर्फ़ चिट्ठियां ही आएंगी ।

Comments

15 responses to “चिट्टियां”

  1. Kanchan Dwivedi

    Nice

  2. सुन्दर अभिव्यक्ति

  3. अति सुन्दर रचना

  4. Anu Somayajula

    good

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