सुनाती नहीं मै अपना गम किसी को तो अपनी खुशियों का इजहार करूँ कैसे ? मुश्किलें है बहुत रास्ते में मेरे मैं अपनी मंजिल पर आगे बढूँ तो बढूँ कैसे?
सुनाती नही मैं अपना गम किसी को
Comments
8 responses to “सुनाती नही मैं अपना गम किसी को”
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बहुत खूब
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वाह
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लाजबाव
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2बार पोस्ट किया आपने
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Maine ek bar hi kiya tha
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हो जाता है कभी-कभी
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वाह
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Nice
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