नींद

जिसके आ जाने पर कुछ भी
पता नहीं चल पाता है
क्या घटित हुआ संसार में
कुछ पता नहीं चल पाता है,
जिसके आ जाने पर तुम हम
न डर न भयभीत रहते हैं
उस मदहोशी के क्षण को ही
नींद कहा करते हैं।

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