भगाओ दूर चिंता को
रात भर के अंधेरे को
जिस तरह सूर्य ने आकर ,
भगाया एक ही क्षण में,
उस तरह आस का सूरज
उगाओ आप भी मन में।
भगाओ दूर चिंता को
नजर रख लक्ष्य पर अपनी
बढ़ो, पीछे न देखो तुम
सफलता होगी चरणों में।
अंधेरा मिट गया समझो
उजाला हो गया देखो,
उठो जागो बढ़ो आगे
सवेरा हो गया देखो।
Good
धन्यवाद जी
सुंदर भाव
बहुत बहुत आभार
Atisunder kavita
अतिसुन्दर
Good
thanks