कोई जब जीवन से जाता है
कोई जब जीवन से चला जाता है,
टूटता नहीं फ़िर भी नाता है।
बेबस से हो जाते हैं सब,
ग़म उसका हरदम सताता है।
उजड़ ही जाती है, दुनियां किसी की,
जब कोई अपना इस जग से जाता है।
पल – पल याद आती है ,उस प्रियजन की,।
ह्रदय में विरक्ति भाव भी आता है।
कौन सी है वो दुनियां ऐसी,
जहां से लौट के ना कोई आता है।
Right
Thanks bro
rightly said
Thank you mam
वाह जी वाह
Thank Allot Satish ji🙏
धन्यवाद जी 🙏
कौन सी दुनिया है जहां से लौट के नहीं आता ‘ दार्शनिक विचार एवं ग्राह्य
बहुत बहुत आभार सर,🙏
Waah waah
शुक्रिया कमला जी 🙏
वाह जी वाह
शुक्रिया पीयूष जी 🙏