कोई जब जीवन से चला जाता है,
टूटता नहीं फ़िर भी नाता है।
बेबस से हो जाते हैं सब,
ग़म उसका हरदम सताता है।
उजड़ ही जाती है, दुनियां किसी की,
जब कोई अपना इस जग से जाता है।
पल – पल याद आती है ,उस प्रियजन की,।
ह्रदय में विरक्ति भाव भी आता है।
कौन सी है वो दुनियां ऐसी,
जहां से लौट के ना कोई आता है।
कोई जब जीवन से जाता है
Comments
13 responses to “कोई जब जीवन से जाता है”
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Thanks bro
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rightly said
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Thank you mam
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वाह जी वाह
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Thank Allot Satish ji🙏
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धन्यवाद जी 🙏
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कौन सी दुनिया है जहां से लौट के नहीं आता ‘ दार्शनिक विचार एवं ग्राह्य
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बहुत बहुत आभार सर,🙏
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Waah waah
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शुक्रिया कमला जी 🙏
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वाह जी वाह
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शुक्रिया पीयूष जी 🙏
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