बहुत याद आते हैं, सफ़र में बेवक्त बिछड़ने वाले। छोड़ जाते हैं हृदय में बहुत सी यादें और रह जाती हैं तन्हाइयाँ और खामोशियाँ। ऑंख के आंसू निकल पड़ते हैं ढूँढने उनको, नहीं मिलते हैं […]
बहुत याद आते हैं, सफ़र में बेवक्त बिछड़ने वाले। छोड़ जाते हैं हृदय में बहुत सी यादें और रह जाती हैं तन्हाइयाँ और खामोशियाँ। ऑंख के आंसू निकल पड़ते हैं ढूँढने उनको, नहीं मिलते हैं […]
वक्त की फ़ितरत में तब्दीली है, जो आज हमारा है वो कल किसी और का होगा। न कर ग़रूर आज पर अपने। आने वाला कल न जाने कैसा होगा। ______✍️गीता कुमारी
ऑपरेशन सिन्दूर’आतंक के विरुद्ध जारी है भारतीय सेना पाकिस्तान पर भारी है। पाकिस्तान की कायराना हरकत हुई जो पहलगाम में। नहीं छोड़ा,लिया बदला हिंदुस्तान ने। भारत के बेटों को मारा, बेटियों का उजाड़ा सिन्दूर है। […]
मुखौटे लगा कर घूम रहे बहुत आदमी हैं। किसी ने मुखौटा लगा कर हॅंसाया, किसी ने मुखौटा लगा कर डराया। कोई रो रहा है मुखौटा लगा कर, किसी ने मुखौटा लगा कर सताया। असली और […]
हवा में जहर है, प्रदूषण का कहर है। सांसों पर बंधी हैं बेड़ियाँ जी हाँ ये दिल्ली शहर है। अरुणिमा मद्धम हुई है, कौमुदी कुम्हलाने लगी। तारों की रौशनी भी अब तो धुंधलाने लगी। हर […]
चाॅंद पर पहुँचा चन्द्र यान है, सफ़ल हुआ भारत का अभियान है। तिरंगा चाॅंद पर लहराने लगा है, हर भारतीय मुस्कुराने लगा है। इसरो के वैज्ञानिकों को बहुत बधाई है, चाॅंद से बहुत खूबसूरत खबर […]
दिल के वीराने में एक अंजुमन हम भी सजाते हैं। जब भी होते हैं तन्हा आपको उसमें बिठाते हैं। आप तो भूल गए हो यादें पुरानी, आइये हम आपको याद दिलाते हैं.. सावन, नदियाँ पर्वत […]
सच है एक कड़वी दवा, इसको धीरे-धीरे पिला। आदत तो हो जाने दे, इतना सच कैसे झेलूॅं, चाक सीना तो सी लूॅ़ं। भरम में ही जीती आई हूँ, भरम में ही जी लेने दे, सच […]
मुझे नहीं पता तू है कहाँ, खुश रहे तू है जहाँ। हृदय से देती हूँ तुझको दुआ, फ़िर न हो जैसा अब हुआ। हृदय में वास करेगी सदा, तेरा नाम रहेगा सर्वदा मेरी जु़बाॅं, वादा […]
ख़ामोश है कलम, कर रही इन्तज़ार है। कब कोई लेख लिखूँ मैं, वो देख रही बारम्बार है। पी कर अश्क अपने एक दिन, सचमुच कलम उठाऊॅंगी। प्रतीक्षारत कलम को, न और अधिक प्रतीक्षा करवाऊँगी॥ _____✍️गीता
कोई हो जो बिन कहे हर भाव समझ ले, कोई हो जो चेहरे की हर शिकन को पढ़ ले। कोई हो जो मुस्कुराने का बहाना दे दे, कोई हो जो बिन मांगे प्यार का खज़ाना.. […]
जब दिल से दिल के तार जुड़े हों, किसी पहचान की जरूरत कहाँ। नाम भले ही गुम जाए, चाहे चेहरा भी बदल जाए.. आपकी आवाज़ से,आपके अंदाज़ से, आपकी रूह को पहचान लेंगे हम। ये […]
तकलीफ अंदर के शोर से है, तनहाई तो यूँ ही बदनाम होती है। गिरता है खारा जल जब भी ऑंख से, वह सुबह वह शाम, तेरे ही नाम होती है॥ _______✍गीता
हिम की बरसात हुई, कहीं तो बीती रात हुई। गिरी नर्म-नर्म रुई सी, चाॅंदी सी बिछ गयी राहों में रूचिर रुपहली रात हुई बही सर्द-सर्द हवाएँ, तन-मन ठिठुरता ही जाए। बादल घुमड़ रहे गगन पर, […]
दिल हमारा टूटा हुआ सा हो गया, जब अपनी राह वो जाने लगे। चाह कर भी रोक पाये हम नहीं, रोकने को उन्हें, ऑंखों के अश्क़ आने लगे। कब तलक देते सहारा वो हमें, अश्कों […]
ख़ामोशियाँ जब ज़ुबाँ बनने लगीं, रफ्ता-रफ्ता दिलों की दूरियाँ घटने लगीं। मोहब्बत में मीठे अहसास हुए इस कदर, एक दूजे की कदर अब बढ़ने लगी। बिन कुछ कहे वो हमें अब समझने लगे, ख़ामोशियाँ भी […]
नीले आसमान पर बादलों का पहरा था, बादलों का रंग भी श्यामल गहरा था। सूरज की ऑंख मिचौली जारी थी अब बारिश आने की बारी थी। साथ निभाने कोहरा भी आ गया, देखते-देखते धरा पर […]
पूस माह में सावन आया, काली घनघोर घटाएँ लाया। झमाझम मेघों से बरसा पानी, कुदरत को ऐसे सावन भाया । सर्दी में सर्दी और बढ़ी, जलधर इतना जल कहाँ से लाया। यह कैसा परिवर्तन ऋतु […]
कनक तश्तरी सा आलोकित भानु लुटा रहा है स्वर्ण रश्मियाँ । दूर-दूर तक बिखरा सोना, हर पत्ती हर डाली -डाली रौशन हुआ है हर कोना-कोना। देखो नव प्रभात हो रहा है, जागो, अब नहीं है […]
सुबह-सुबह सूरज की लाली, हिम से ढकी हुई हर डाली। पत्ते-पत्ते बूटे-बूटे पर, कुदरत ने कारीगरी कर डाली। बर्फ़ के फ़ाहे गिर रहे राहों पर, पवन भी सर्द चली है आली। बादलों ने घेरा है […]
सुबह-सुबह सूरज की लाली, हिम से ढकी हुई हर डाली। पत्ते-पत्ते बूटे-बूटे पर, कुदरत ने कारीगरी कर डाली। बर्फ़ के फ़ाहे गिर रहे राहों पर, पवन भी सर्द चली है आली। बादलों ने घेरा है […]
आज अतीत के कुछ पन्ने खोले, वो पुराने क्षण फिर बोले। उन पलों को जी गई मैं, अमृत-प्याला पी गई मैं॥ ______✍गीता
थम गया वक्त है, और आसमान झुक गया, ऐसी वीरगति को देख, एक पल को काल चक्र भी रूक गया। ऑंख में आ गए हैं ऑंसू.. श्रद्धांजलि देने को उनको, देश का तिरंगा झुक गया॥ […]
धूप समेटकर अपने सुनहरी वसन, चल पड़ी प्रीतम से करने मिलन ओढ़ कर सितारों भरी काली चुनर पलकों में सुनहरे ख्वाब सजाकर कर के वादा कल फिर आने का जग से, दुनियाँ को देने दीप्ति […]
धूप समेटकर अपने सुनहरी वसन, चल पड़ी प्रीतम से करने मिलन ओढ़ कर सितारों भरी काली चुनर पलकों में सुनहरे ख्वाब सजाकर कर के वादा कल फिर आने का जग से, दुनियाँ को, देने को […]
हिम को भी पिघलते देखा है, सूर्य की तपिश पा कर के। नदियों को जमते देखा है, चन्द्र की शीतलता पा के। ऑंख के ऑंसू भी ठहरे, जब साथ किसी अपने का पाया। बेचैनी में […]
ग़मगीन हालत में जो ला सके, अधरों पर मुस्कान। वही तो सच्चा मित्र है, उसकी निस्वार्थ मोहब्बत है महान। सुख-समय में करे जो हंसी-मजाक भी, संकट की घड़ी में जिम्मेदारी ले सुख देने की। दोस्त […]
जब-जब मेरी कलम चले, ऐसा कुछ लिखती जाऊँ। जीवन की सच्चाई कभी और कभी कल्पना में खो जाऊँ। जन-जन की बात लिखूँ मैं, और कभी लिख डालूँ मन की। कभी सिसकती साॅंसे सुन कर, लिख […]
कहीं दिन है कहीं रात है, कहीं धूप कहीं बरसात है। सुख और दु:ख आना-जाना है, यही ज़िन्दगी का अफ़साना है। लेकिन कुछ सुख-दुःख, ठहर से जाते हैं जीवन में सुख का ठहरना तो मन […]
क्या बात है कुछ बीते लम्हों की, ठहर से गये हैं जीवन में। बस गये तन मन में मेरे, जीवन की पूंजी बन कर के। बचपन की कुछ याद पुरानी, बस गई बन कर एक […]
अमावस की रात है , सुलगते से जज्बात हैं। एक दिया जलाकर करूँ रौशनी वो कहते यह बात हैं। दिया जलाकर मिटे अंधेरा, मन के तम का क्या करूँ। आज बाहर है रौशनी, मन के […]
सूनी-सूनी सी फ़िज़ाऍं हैं, सूनी सी सब दिशाऍं हैं। आप नहीं हैं मेरी ज़िन्दगी में अगर, सूनी-सूनी सी लगती है ड़गर। हमें ही हमारी नहीं है खबर, किसी की हमको लगी है नजर। जुबाॅं चुप […]
मन के भाव लिखा करती हूँ, ज़िन्दगी की धूप और छाॅंव लिखा करती हूँ। कभी “खुशियाँ” तो कभी, “घाव” लिखा करती हूँ। आभार आपका आप इसे कविता कहते हैं, मैं तो बस जज़्बात लिखा करती […]
दामिनी चमक रही है, यामिनी लरज़ रही है। अम्बर पर मेघा छाए, नीर बरसता ही जाए। मन मेरा घबराए देख कर ऐसा मौसम, तिमिर मुझको डराए। डर बढ़ता ही जाए, पवन चल रही सीली-सीली, भीग […]
सर्द पवन का झोंका लेकर, आई ये बरसात है। बे मौसम ही आई लेकिन, कुछ तो इसमें बात है। भीगे सारे बाग-बगीचे, भीगे पुष्प और पात हैं। भीग गया है तन-मन सारा, भीग गये जज़्बात […]
साहित्य ऐसा रचना कवि, जिसमें दिखाई दे समाज की छवि। बातें हों ऊंचे पर्वत, गहरे सागर की कभी बहती पवन कभी उगता रवि। दुख-सुख की चर्चा करे कवि, कभी बातें हों मुस्काने की। विरह की […]
अधूरी सी हो गई है ज़िन्दगी, अधूरा सा हो गया संसार है। पूरी ना हो पाई कुछ अभिलाषा, अधूरा सा रह गया प्यार है। अभी दर्द में बहुत हूँ, थोड़ा समय लगेगा मुस्काने में। दर्द […]
मन के रावण को मारने के लिए, दशहरा मनाया जाता है। किस-किस ने रावण को मारा कौन राम-मय हो कर आया है। दशहरा शुभ हो…. यह गीत तो सभी ने गाया है। कब यह देश […]
दिल के दर्द को कैसे तुम्हें समझाएँ, हैं बहुत तनहा, यह कैसे तुम्हें बताऍं। साॅंझ, सवेरे सूरज की लाली है, मगर दिल उमंगों से खाली है। रातों को तारे जब टिमटिमाते हैं, मेरी आँखों के […]
जल की बूॅंदें गिरी सारी रात, रात भर होती रही बरसात। तिमिर छाया रहा भोर में भी, ऐसे हो गये थे हालात। ना चन्द्र दिखे ना सूर्य ही आए, मोती गिरते रहे सारी रात। भीग […]
श्याम वर्ण के बादलों से, जब गगन घिर जाएगा। नीला नीला आसमान, मेघों के पीछे छुप जाएगा। तब जल की गिरे फुहार, शीतल-शीतल चले बयार। भीगेगी तब धरती सारी, भीगेगा संसार॥ _______✍गीता
हिंदी है भारत की भाषा, मेरे देश की पहचान है। हिंदी की श्रीवृद्धि हो, ऐसा मेरा अरमान है। हिंदी से हिंदुस्तान है, हिंदी ही हमारी पहचान है। यह वह भाषा है, जिसमें हम हॅंसते गाते […]
ऐ ज़िन्दगी सुन, कितनी बदल गयी हो तुम। हॅंसती खिलखिलाती थी कभी, अब रहने लगी हो गुमसुम। वही ठंडी हवाएँ, वही बादल बरसते, फिर ये नैना मेरे नीर लिए क्यूँ तरसते। ऐसी आशा ना थी […]
अवनि और अम्बर का कब मिलन हुआ, देखा दूर क्षितिज में तो मिलने का बस भ्रम हुआ । नभ ने बरसा कर रिमझिम जल, खूब नेह दिया धरा को तपती धरती पर गिरता पानी, कह […]
उदासी का समन्दर है इन नयनों में, उठती हैं लहरें बेचैनी की। फिर ऑंखों से रिसता है पानी, यही है इस जीवन की कहानी। कोई जब लेकर आए इक नाव, निकालने को इस समन्दर से, […]
गिरगिट रंग बदलता है, यह बचपन से जाना। साॅंप डॅंक मारता है , यह भी हमने माना। शेर शिकार करके खाए, हाथी नकली दाॅंत दिखाए । इनकी प्रकृति ऐसी ही है, ये प्रकृति ने ऐसे […]
हाथ फैला कर श्वेत कुमुदिनी सी, वो कर रही थी मेरा इंतज़ार। ना जाने कब से करता था मैं उससे प्यार । वो मेरा रुहानी प्यार.. जिसका कभी न किया मैनें इज़हार वो समझी तो […]
वृक्षों पर आ गया सूरज, धरा पर छा गया सूरज। बिखराकर अपनी स्वर्ण रश्मियाँ, गीत कोई गा गया सूरज। हल लेकर निकल पड़े किसान, देखो आ गया सूरज। अंधकार मिटाने धरा से, सदियों से आता […]
कोरोना से आजादी की जंग में, जो नित वैक्सीन लगा रहे हैं स्वतंत्रता सेनानी से कम नहीं हैं, वो चिकित्सक देश को बचा रहे हैं। गाँव-गाँव, नगर-नगर में जाकर, इस रोग के विरुद्ध कैम्प लगा […]
शत् शत् नमन है मेरा उन वीरों को, जिन्होंने देश को आजादी दिलवाई। आज स्वतंत्रता दिवस की है सबको बधाई। भारत माँ की रक्षा खातिर, अपने सीने पर गोली खाई। जय हिन्द का गूॅंज उठा […]
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