नव-प्रभात

कनक तश्तरी सा आलोकित भानु लुटा रहा है स्वर्ण रश्मियाँ । दूर-दूर तक बिखरा सोना, हर पत्ती हर डाली -डाली रौशन हुआ है हर कोना-कोना।…

धूप

धूप समेटकर अपने सुनहरी वसन, चल पड़ी प्रीतम से करने मिलन ओढ़ कर सितारों भरी काली चुनर पलकों में सुनहरे ख्वाब सजाकर कर के वादा…

*धूप*

धूप समेटकर अपने सुनहरी वसन, चल पड़ी प्रीतम से करने मिलन ओढ़ कर सितारों भरी काली चुनर पलकों में सुनहरे ख्वाब सजाकर कर के वादा…

सच्चा मित्र

ग़मगीन हालत में जो ला सके, अधरों पर मुस्कान। वही तो सच्चा मित्र है, उसकी निस्वार्थ मोहब्बत है महान। सुख-समय में करे जो हंसी-मजाक भी,…

मेरी कलम से

जब-जब मेरी कलम चले, ऐसा कुछ लिखती जाऊँ। जीवन की सच्चाई कभी और कभी कल्पना में खो जाऊँ। जन-जन की बात लिखूँ मैं, और कभी…

तुम्हारे बिना..

सूनी-सूनी सी फ़िज़ाऍं हैं, सूनी सी सब दिशाऍं हैं। आप नहीं हैं मेरी ज़िन्दगी में अगर, सूनी-सूनी सी लगती है ड़गर। हमें ही हमारी नहीं…

लेखन

मन के भाव लिखा करती हूँ, ज़िन्दगी की धूप और छाॅंव लिखा करती हूँ। कभी “खुशियाँ” तो कभी, “घाव” लिखा करती हूँ। आभार आपका आप…

बरसात

सर्द पवन का झोंका लेकर, आई ये बरसात है। बे मौसम ही आई लेकिन, कुछ तो इसमें बात है। भीगे सारे बाग-बगीचे, भीगे पुष्प और…

दशहरा

मन के रावण को मारने के लिए, दशहरा मनाया जाता है। किस-किस ने रावण को मारा कौन राम-मय हो कर आया है। दशहरा शुभ हो….…

तनहाइयाँ

दिल के दर्द को कैसे तुम्हें समझाएँ, हैं बहुत तनहा, यह कैसे तुम्हें बताऍं। साॅंझ, सवेरे सूरज की लाली है, मगर दिल उमंगों से खाली…

आ गया सूरज

वृक्षों पर आ गया सूरज, धरा पर छा गया सूरज। बिखराकर अपनी स्वर्ण रश्मियाँ, गीत कोई गा गया सूरज। हल लेकर निकल पड़े किसान, देखो…

दोस्त

मिलते हैं कुछ फ़रिश्ते ज़िन्दगी में, बना देते हैं रिश्ते ज़िन्दगी में, साथ निभाऍं हॅंसते-हॅंसते, ज़िन्दगी में। टूट जाए जब दिल, जिगर हो कर निराश,…

रिमझिम बूंदें

रिमझिम बूंदे बहुत हैं बरसीं, अखियाँ तुझे देखन को तरसीं। बिजली चमक रही है चम-चम, बरस रहा है पानी छम-छम। नभ में काली बदली छाई,…

बीती बातें

बीती बातों को याद कर, मत कुरेदना अपने घावों को। ह्रदय में ही रहने देना, अपने हृदय के भावों को । मरहम नहीं लगाती दुनियाँ,…

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