रौशनी…

नई रौशनी कर रही है तेरा इंतजार यॅंहा । तू है वहाॅं, उसे भी तेरा इंतजार है। आजा लौट कर, बहुत सुनहरी दुनियाँ है, तेरे…

जि़न्दगी की ओर

मैं अर्धविक्षिप्त अवस्था में थी, निकाल कर ला रही हूँ धीरे-धीरे स्वयं को । मेरे पाॅंव में डाली हुई आपकी नेह की डोर, लेकर आ…

कविता ऐसी कहो कलम

कविता ऐसी कहो कलम, प्रफुल्लित हो उठे मन। दुखी ह्रदय में खुशियों के फूल खिलें, बिछुड़ों के हृदय मिलें। कभी प्रकृति का हो वर्णन, कविता…

हमारा घर

पूरब हो या हो पश्चिम, उत्तर हो या हो दक्षिण। घर हमारा हमें देता हर्ष है, घर के बाहर तो संघर्ष ही संघर्ष है। हम…

चन्दा की नगरी में..

चन्दा की नगरी में ले चल प्रीतम, चुनरी में सितारे जड़वाऊॅंगी। चाॅंद की रौशनी में, तुम्हारे संग जश्न मनाऊंगी। दो-चार सितारे अलग से लूॅंगी, तुम्हारे…

मेघा आए रे

मेघा आए रे आए रे, ऐसी पड़ी फुहार। भीगी मेरी कॅंचुकी,चुनरिया नीर गिरे भरमार। श्याम वर्ण के मेघा बरसे, खूब गिरी जल-धार। इतनी तो होली…

मजदूर

कर के आया था मजदूरी, था थकन से चूर। रूखा-सूखा खा कर सो गया, वह बूढ़ा मजदूर। ओढ़ी एक फटी थी चद्दर, उसके सूराख़ों से…

बैसाखी

नई फसल के आगमन का प्रतीक बैसाखी, खुशियों के आने का संकेत बैसाखी। नई फसल कटती है खेतों से, आती है घर। रौशन करती कृषक…

मीराबाई

ना राधा ना रुक्मणी, वो कान्हा की मीरा बनी। हरि नाम ही जपती थी, ऐसी उसकी भक्ति थी। विष का प्याला पी गई, जाने कैसे…

सखी चली ससुराल

मेरी एक सखी चली ससुराल, आशीष लेकर बुजुर्गों का। गले मिलकर सखियों के, भावी जीवन के सपने लेकर अपनी अंखियों में सखी चली ससुराल। सखियों…

*कर्म पथ*

टूटे सपनों की सिसकियाँ, नहीं सुनता है ये ज़माना। इसलिए कर्म पथ पर, मुझको है कदम बढ़ाना। यदि मैं कभी भटक जाऊँ, चलने से, सच्ची…

*खिल गए गुलाब*

ज़रा सी बारिश के छींटों से, क्यारी में खिल गए गुलाब। सुहाना सा हुआ मौसम, बहने लगी शीतल पवन। मयूर नृत्य कर उठे बाग में,…

सच्चा साथी

सच्चा साथी वही है, जो दुःख में भी साथ दे। हृदय में हो जब संताप, हाथ बढ़ाकर हाथ दे। अमावस सी काली रातों को, जो…

“नाम”

नाम…. यही तो है हमारी पहचान, हमारे व्यक्तित्व की शान। नाम केवल एक नाम ही नहीं है, एक विशेष शख्सियत है… जिसे जानते हैं हम…

सुधा बरसे

सुधा बरसे सदा वाणी से, ह्रदय में भी ना कोई गरल हो। कभी किसी का, दिल ना दुखाऊँ मैं मेरी वाणी मीठी और सरल हो।…

ये दिल…

ये दिल… वही क्यूॅं माॅंगता है!! जो अक्सर मिल ना पाए, लब वही क्यूॅं कहना चाहें!! जो अक्सर हम कह ना पाएं। काश!! दिल ही…

ईस्टर संडे

21 मार्च के बाद, प्रथम पूर्णिमा के पश्चात आने वाले पहले रविवार ईस्टर संडे मनाया जाता है। गुड फ्राइडे के बाद, आने वाला प्रथम रविवार…

*दिल की धड़कन*

ख़ास लोग जिन्दगी के, दिल की धड़कन जैसे हैं। दिखते नहीं हों चाहे वो, जिन्दगी के ख़ामोश सहारे से हैं। दिल की धड़कन के बिन…

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