प्रभु जी मेरो उध्दार तो करो

प्रभु जी मेरो उध्दार तो करो
जन्म-जन्म की पापीनी मैं
मेरा निस्तार तो करो ।
प्रभु जी मेरो उध्दार तो करो ।।
अहल्या तो तुमने तारा,
ग्यान दियो तुमने तारा को ।
मंदोदरी है भक्त तिहारा । ।
प्रभु जी मेरो निस्तार तो करो ।।
मोक्षदायक है प्रभु नाम तेरो ।
गणिका अजामिल भी तर गयो,
सुमिरन कियो तोरो नाम तो ।।
प्रभु मेरो उद्धार तो करो ।।
जन्म-जन्म की पापिनी हूँ मैं,
प्रभु जी अब दरश तो दिखाओ ।
प्रभु जी मेरो निस्तार तो करो ।।
कवि– विकास कुमार

Comments

4 responses to “प्रभु जी मेरो उध्दार तो करो”

  1. अहिल्या को तुमने तारा, होता है
    हिंदी को गलत मत लिखो प्लीज

  2. वो तो पगला है।

  3. “ताडा”,ये तो अर्थ का अनर्थ हो गया।

  4. Rishi Kumar

    हमें लगता है विकास भाई एक नई भाषा को जन्म देगे

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