मैने वो तस्वीर फाड़ दी जिस तस्वीर को देख कर,
हम कभी बेहतरीन ग़ज़ल लिख लिया करते थे।
हकिक़त जब सामने आई तस्वीर को जोडना चाहा ,
तस्वीर ने कहा मुहब्बत के मामले तुम बहुत नादान थे।।
तस्वीर
Comments
11 responses to “तस्वीर”
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बहुत ख़ूब
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Thanks Geeta jee
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Atisunder
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शुक्रिया पंडित जी
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बहुत ही उम्दा
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समीक्षा के लिए धन्यवाद मोहन जी।
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धन्यवाद सिंघाल साहब।
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अतिसुन्दर
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Gajab
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