बहुत भीड़ है मन्दिर में,
मस्जीद में शोर-शराबा है,
मेरा हृदय महल बहुत खाली-सा
यहां विराजमान हो जाओ, प्रभु!
फिर मेरे लिए
यहीं अयोध्या और यहीं है काबा ।
हृदय महल
Comments
10 responses to “हृदय महल”
-
वाह वाह , बहुत सुन्दर
-

🙏🙏सादर धन्यवाद
-
-
Gajab
-

🙏🙏🙏
-
-

सच्ची बात
-

🙏🙏🙏
-
-
Atisunder
-

🙏🙏
-
-

सुंदर भाव।
-

🙏
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.