होश अब नहीं रहा…

होश अब नहीं रहा इंसानियत का,
बेसुध से सब हो गए हैं ,
जाने कैसा है यह नशा
अपने भी गुम हो गए हैं।

Comments

6 responses to “होश अब नहीं रहा…”

    1. Pratima chaudhary

      धन्यवाद

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar

    वास्तव में लोभ , अहंकार के नशें में सबकुछ बदलाव की कगार पर है
    बहुत ही सुंदर पंक्तियां

    1. Pratima chaudhary

      धन्यवाद

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