मेरी बिटिया रानी,
क्या वह चाहे,
व वह ही जाने।
हम उसकी,
सदा ही माने।
इशारों में भी,
इतराती है।
हम सब पर,
रोब जमाती है।
कभी इधर,
कभी उधर,
वो भागे।
ना जाने,
उसको क्या भावे।
वह सबकी प्यारी है,
मेरी बिटिया रानी है।
मेरी बिटिया रानी
Comments
14 responses to “मेरी बिटिया रानी”
-
ghar ki laxmi hoti he beti… apne pita ki parchai hoti he betiya… ghar ka man samman hoti h beti..!!
-

बहुत बहुत धन्यवाद
-
-
बहुत सुन्दर रचना
-

धन्यवाद मैम
-
-
बड़ी प्यारी मेरी बिटिया रानी
-

हार्दिक धन्यवाद
-
-
अतिसुंदर
-

धन्यवाद सर
-
-

सुंदर पंक्तियां
-

Thank you
-
-
बहुत उम्दा
-

🙏
-
-

बहोत सुंदर लिखा है 👌👌👌💐
-

Thank you so much
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.