8 Comments

  1. विषय गंभीर है
    दिल में एक पीड़ है ।
    गंगाजल जिसको समझा
    वह गटर का गंदा नीर है।।
    सोचनीय ़़वाह वाह प्रज्ञा जी
    उस कलम को सलाम ।
    जिसने दिया ये पैगाम।।

  2. अमीर युवा वर्ग में फैलता ये जहर इस पीढ़ी को कहां ले जाएगा भगवान ही जाने । एक तरफ तो युवा वर्ग बेरोज़गारी से जूझ रहा है, और दूसरी तरफ ये सब कुछ… ये संदेश देती हुई बहुत शानदार रचना है प्रज्ञा जी आपकी प्रतिभा को सैल्यूट ।

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