राह में काँटे बिछाना

राह में काँटे बिछाना काम है उसका
मेरे दिल को दुःखाना काम है उसका
मैं हँस देती हूँ जो जरा-सा देखकर उसको
मेरी हँसी से जल जाना काम है उसका

Comments

4 responses to “राह में काँटे बिछाना”

  1. Geeta kumari

    वाह जी वाह

  2. बेहद खूबसूरत भाव

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