10 Comments

  1. कहीं भली है बस सुंदर सराहना,
    इस अंधी दौड़ की टैंशन से..।
    बहुत ही सुंदर और बेहतरीन पंक्तियाँ, उच्च विचारों से सुसज्जित आपकी लेखनी को सैल्यूट।

Leave a Reply