बहुत मनाता है दिल मुझे

बहुत मनाता है दिल मुझे ,
उसके लिए,
मगर मैं कैसे विचलित होती,
ठोकरों से उभरना सीख जो लिया ।

Comments

11 responses to “बहुत मनाता है दिल मुझे”

  1. Deep Patel

    ठोकरें खाने के बाद ही हर कोई सही से जीवन बिताता है।
    बहुत अच्छी कविता।

    1. सुंदर समीक्षा के लिए हार्दिक धन्यवाद दीप सर

  2. Priyanka Kohli

    Wah!!!

  3. Priyanka Kohli

    Amazing lines!😍❤😊

  4. बहुत ही बढ़िया

    1. प्रतिमा

      बहुत बहुत धन्यवाद

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