मुहोब्बत

मुहोब्बत में इतने अश्किया न बनिये,
मुहोब्बत है कोमल, संभल कर ही चलिये।
मुहोब्बत हो दोनों तरफ तब नफा है,
नहीं तो मुहोब्बत सजा ही सजा है।

Comments

6 responses to “मुहोब्बत”

  1. वाह वाह बहुत खूब

  2. बहुत ख़ूब

  3. लाजवाब..
    बहुत खूब कही

  4. सुन्दर अभिव्यक्ति

  5. Seema Chaudhary

    बहुत ख़ूब

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