मुहोब्बत में इतने अश्किया न बनिये,
मुहोब्बत है कोमल, संभल कर ही चलिये।
मुहोब्बत हो दोनों तरफ तब नफा है,
नहीं तो मुहोब्बत सजा ही सजा है।
मुहोब्बत
Comments
6 responses to “मुहोब्बत”
-

वाह वाह बहुत खूब
-
बहुत ख़ूब
-

लाजवाब..
बहुत खूब कही -
अतिसुंदर
-

सुन्दर अभिव्यक्ति
-

बहुत ख़ूब
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.