4 Comments

  1. बहुत ही भावपूर्ण कविता है जब मानव के अंदर सहानुभूति का एहसास होता है वही अनुभूति मानव को सच्चे मानव बनाती है

  2. सहानुभूति के भाव लिए हुए संजीदा रचना है कवि सतीश जी की
    इंसानियत को समझने वाली सुन्दर रचना

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