3 Comments

  1. ये सरकारी सुविधा है साथी
    साथ किसी किसी को मिलता है।
    जैसे गूलर का फूल जगत में
    किसी बिरले को हीं दिखता है।।
    बहुत खूब। अतिसुंदर रचना।

  2. सरकारी सहायता ना मिल पाने पर एक व्यथित गरीब स्त्री का यथार्थ चित्रण प्रस्तुत करती हुई कवि सतीश जी की हृदय स्पर्शी रचना

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