प्यार की परिभाषा

*****हास्य-रचना*****

परदेस में कहते हैं
मेरा बेटा प्यार में है
युवा हो गया है..
किसी के प्यार में पड़ गया
भारत में कहेंगे, सुनती हो..
मैं तो शर्म से गढ़ गया
अपना ये बरखुरदार,
किसी चुडैल के चक्कर में पड़ गया

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “प्यार की परिभाषा”

  1. बिल्कुल सही कह रही हैं आप

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद प्रज्ञा

  2. 😀😀😀😀सत्य वचन

    1. Geeta kumari

      हा,हा तभी तो लिखी है ।
      बहुत बहुत धन्यवाद ऋषि जी

  3. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    बहुत खूब

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत शुक्रिया आपका भाई जी 🙏

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