करवा पूजन चली सखी संग,
देखो आज सुहागन
आज चांद की राह देखती,
पहन के चूड़ा, कंगन
धूप,दीप से रौशन करती घर,
गौरी मां से, मांगे साजन का साथ
चांद देख , साजन की करे आरती,
पिए जल पिया के हाथ
आशीष ले कर,
सास-ससुर से सौभाग्य वती का
देखो हर्षित हुई सुहागन,
लाज से मुख मंडल दमका
*****✍️गीता
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