अख्तियार

गैरो पर राज की चाहत नहीं
बस खुद पर हो अख्तियार अपना
ख़ुद को हमेशा कमतर आके
औरोंको दिखावे की शौक न हो अपना

Comments

4 responses to “अख्तियार”

  1. बहुत ख़ूब

    1. बहुत बहुत धन्यवाद

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