यही तो है ज़िन्दगी

कभी धूप है खुशियों की,
कभी दर्द की छांव
कभी जीत की आशा,
कभी हार के थक गए पांव
बस, यही तो है ज़िन्दगी..

*****✍️गीता

Comments

7 responses to “यही तो है ज़िन्दगी”

  1. Virendra sen Avatar

    बिल्कुल सही कहा आपने

    1. बहुत बहुत धन्यवाद

  2. बिल्कुल,
    हर कोई परेशान है इन सवालों से
    कहां कोई बच पाया है
    गमों और खुशियों की धूप छांव से

  3. Geeta kumari

    इस समीक्षा गत टिप्पणी हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद प्रज्ञा जी

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद भाई जी 🙏

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