दम टूटता गया उम्मीदों का…

सिलसिले वार दम टूटता गया
उम्मीदों का
अब क्या करेंगे हम
सुनहरे सपनों का
अब तो अपना जीवन भी
किराये का लगता है
क्या करेंगे अब हौसलों के पंखों का ???

Comments

4 responses to “दम टूटता गया उम्मीदों का…”

  1. Geeta kumari

    ह्रदय के भावों की मार्मिक अभिव्यक्ति

Leave a Reply

New Report

Close