सोचो कुछ दिन के लिए
इंटरनेट बंद हो जाए तो..
क्या करेंगे हम क्या करोगे तुम,
कविता प्रकाशित नहीं कर पाएंगे सावन पर हम
घर के कामों में ही उलझा रहेगा तन
लेकिन फिर भी मोबाइल में ही लगा रहेगा मन
बार-बार करेंगे चैक इंटरनेट आया कि नहीं,
फिर सोचेंगे किस तरह दिन बीतेंगे यूं ही
हां, थोड़ी सी छुट्टी मिल जाएगी ऑनलाइन काम से,
हम भी सो पाएंगे थोड़ा आराम से
आराम तो मिल जाएगा,
पर मनोरंजन दिखा जाएगा पीठ,
ना हो पाएगी फ़िर कोई गूगल मीट
हां, मन नहीं लगेगा सावन के बिन,
आप सभी को याद करके बीतेंगे दिन
खाली समय में कुछ वीडियोज़ बनाएंगे,
हां ये बात है कि उन्हें शेयर नहीं कर पाएंगे
फेसबुक व्हाट्सएप से भी टूट जाएगा नाता,
ना मिलेगा यूट्यूब पर कोई गीत गाता
अच्छा सा खाना बनाएंगे ताकि ना हों बोर,
लेकिन अंदर से दिल मांगेगा कुछ मोर…
…… लेकिन यह कोरी कल्पना थी मेरी,
हकीकत में ऐसा कभी कुछ ना होगा
तो बिंदास मुस्कुराओ क्या ग़म है,
ज़िन्दगी में किसकी तनाव कम है…
______✍️गीता
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*इंटरनेट बंद हो जाए तो*…
Comments
6 responses to “*इंटरनेट बंद हो जाए तो*…”
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वास्तव में आज के समय में इंटरनेट के बिना जीवन ऐसा ही प्रतीत होता है आपने अपनी रचनात्मकता के आधार पर बहुत ही सुंदर ढंग से यह बताने का प्रयास किया है
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समीक्षा हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद संदीप जी
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डायरी में लिखेगे जो कुछ लिखना होगा
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धन्यवाद प्रज्ञा , ऐसा ही करना पड़ेगा।फिर अपनी भावनाएं सब तक नहीं पहुंचा पाएंगे। आजकल के माहौल में इंटरनेट किसी वरदान से कम नहीं है।
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अतिसुंदर रचना
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बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏
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