अब हम हैं स्वतंत्रत
देखो यह अपना गणतंत्र।
७२वी वर्षगांठ में भी
देखो उमंग, कहां से लाया कैसा मंत्र
यह अपना गणतंत्र।
देख के इसका रूप सलौना
पाक तरस रहा,चीन रचता षड़यंत्र
यह अपना गणतंत्र।
यह अपना गणतंत्र
Comments
11 responses to “यह अपना गणतंत्र”
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सर आप ईद के चांद हो गए हैं
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सादर आभार
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बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति
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सादर आभार
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सुंदर भाव
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सादर धन्यवाद
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सुन्दर रचना
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सादर आभार
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बहुत खूब
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सादर धन्यवाद
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