5 Comments

  1. उमंग ऐसी जगाओ स्वयं के जीवन में,
    फटक न पाए निराशा कभी भी जीवन में।
    _______जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और मन में उमंग जागृत करती हुई कवि सतीश जी की बेहतरीन रचना ।भाव और शिल्प का सुन्दर समन्वय

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