10 Comments

  1. पौष पूर्णिमा के चंद्र देखो,
    नभ में कैसे चमक रहे हैं।
    सर्द रातों में चांदनी सहित,
    देखो ना कैसे दमक रहे हैं।
    ———– पूर्णिमा के चाँद पर कवि गीता जी की बहुत सुंदर रचना।
    लाजवाब अभिव्यक्ति।

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