4 Comments

  1. निर्मल, स्वच्छ मोती सा मन हो,
    नव-वर्ष में निरोगी तन हो।
    खुशियाँ और उत्साह रहे,
    ऐसा सुन्दर जीवन हो॥
    ——- बहुत सुंदर विचार, अति उत्तम रचना। वाह

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