बेटों का दर्द

बेटियों का दर्द
तो सब जानते हैं
पर बेटों के दर्द को
कहां किसी ने देखा है
बेटियाँ चली जाती हैं
घर छोड़ कर
फिर उस घर की
बेटा ही तो देख-रेख करता है
प्यार वह भी करता है
अपने माँ बाप से
अकेले होने पर सिसकता है
दिखा नहीं पाता पर
वह भी खूब रोता है।।

Comments

2 responses to “बेटों का दर्द”

  1. सही कहा आपने

    1. बहुत-बहुत आभार

Leave a Reply

New Report

Close