बेकारी

घर बनाने गए दो हाथ
घर बनाने के लिए
हाथ जोड़ते रह गए
आखिर जबाब मिल ही गया
काम नहीं
तब से बनी हुई इमारत और
पलंग तोड़ते रह गए

Comments

4 responses to “बेकारी”

  1. Geeta kumari

    श्रमिकों के बारे में बहुत ही मार्मिक अभिव्यक्ति

  2. श्रमिक वर्ग पर लिखी हुई ह्रदय विदारक पंक्तियां

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