अभिमन्यु नहीं है मगर चक्रव्यूह वैसा है कहते नहीं बनता जीवन ये कैसा है खड़े हैं कुरुक्षेत्र में लड़ने के लिए कमाना और बचाना चाहते पैसा है

कलयुग आधार है मिलता सदा प्यार है गाओ अधिकार है मुश्किल मे संसार हैं आत्मा का उद्धार है जीवन का सार है तुलसी का उपकार है मतलब के यार है एक ही प्रकार है करना […]

बिन मतलब कोई नहीं, करता देखो बात अहंकार का संग है, बड़ी भयानक रात 2 बूढो से कोई नहीं, करता देखो बात बात बात में हो रहे, कैसे कैसे घात 3 दुख सुख अब बांटे […]

धरती में अपशिष्ट का, मिलना घातक जान कूड़ा कचड़ा प्लास्टिक, फेको कूड़ा दान 2 मिट्टी प्रदूषण से सुनो, बीमारी कई होय जैविक खेती से करे रक्षा अब सब कोय

वायु प्रदूषण बढ रहा, सुरसा मुख विकराल हम नहिं है हनुमान सा, दुख ज्यूँ मुख हो व्याल 2 वायु देव को भी किया, मानव ने बीमार हॉस्पिटल में ले रहे, ऑक्सिजन लगातार

सुंदर सपना की तरह, देखा है संसार आँख खुली कुछ भी नहीं, लीला अपरम्पार 2 दुख आकर कहते रहे, ईश्वर है सरकार मत बनना तुम नास्तिक, लेते हैं अवतार

ना रस है ना छंद है, अलंकार से हीन देखो कविता हो गयी, अब की कितना दीन 2 पाठक श्रोता दूर हैं, कवियों की भरमार हिंदी कविता दुर्दशा, जैसे हो बीमार 3 तुलसी सूर कबीर, […]

वर्षा जल अनमोल है, सब अब करे प्रयास नदी कूप है मांगते, सावन भादौ मास 2 बनाए घर घर सोक्पीट, जल संरक्षण होय नैतिक जिम्मेदारियां, लेना है सब कोय 3 बिन पानी सब सून है, […]

सदियों पुरानी मर्यादा तोड़ दिया अच्छा किया कानून को मानना छोड़ दिया अच्छा किया असहायों की बस्ती में बंब फोड़ दिया अच्छा किया अमीरों के सामने गरीब ने दम तोड़ दिया अच्छा किया शराब पीकर […]

मजदूरों के हाथ बहुत दिनो से खाली है दोष एक का नहीं दो हाथों से बजती ताली है खालीपन अभिशाप बन गया खाली उनकी थाली है फसल उगी थी बहुत ही सुंदर ले गया कोई […]

कर्जा लेने की प्रथा, बहुत बुरी है जान कर्जा में डूबे और, तड़प तड़प दी जान 2 कर्जा ऎसा भार है, नहीं उतारा जाय दो पल की खुशियां मिले, जीवन भर पछताय

मानव भाए न गंदगी, चला स्वच्छ अभियान सबसे सुंदर बन रहा, अपना हिंदुस्तान 2 अपने हिंदुस्तान की चर्चा है चहुँ ओर सभी क्षेत्र में बढ़ रहा, आँगे आँगे शोर

खेतों में दिनभर करे, खून पसीना एक मेहनत का पर्याय हैं, क्रषक काम अति नेक 2 कर्जा क्रेडिट कार्ड से, लेकर बोया धान ऎसा पड़ा अकाल की, डूबे सभी किसान 3 खेती है उत्तम मगर, […]

अद्भुत और विशाल है, पुस्तक का संसार सब कुछ मिलता है उसे, करता पुस्तक प्यार 2 ग्यानी की है आत्मा, भरा हुआ विग्यान गुरु के जैसे पुस्तकों, से ले सकते ग्यान 3 करते पुस्तक प्रेम […]

खाली छोड़ो खेत मत, उग आएगी घास खाली है मस्तिष्क तो, शैतानों का वास 2 भरते रहे दिमाग में, अच्छे सदा विचार मन प्रसन्न रहता तभी, सुख उपजे संसार

जुल्म अब सहा नहीं जाता है दुख कितना कहा नहीं जाता घर मे अब रहा नहीं जाता कुछ करो हे विधाता सबका दुनिया से बना रहे नाता हर कोई रहे हँसता मुस्कुराता

मैहर की मां शारदा, ऊँचा पर्वत धाम बल बुद्धि विद्या दीजिए, जपते मां का नाम 2 मैहर की मां शारदा, महिमा अपरम्पार भक्तो पर करिए कृपा, आए तेरे द्वार

कोरोना से वीरगति पाने वाले लोग आँखो के आँसू कहे, कितने थे अनमोल 2 उजड़ गए परिवार जो, दुख ये कहा न जाय अर्जुन सा श्री कृष्ण अब, हमको दो समझाय

गीता का उपदेश है, कर्म रखो अधिकार अजर अमर है आत्मा, ईश्वर का उपकार 2 अर्जुन अपना काम कर, करो न सोच विचार निर्धारित सब कुछ यहां, ईश्वर का संसार

सुरसा सा मुह खोलती कई समस्या आज पवन पुत्र अब आय कर, करो राम के काज 2 पवन पुत्र विनती करे, भक्त सभी कर जोड़ आओ फिर से पापियों, नशे दीजिए तोड़

दुनिया है सुंदर बहुत, रचना है भगवान् कैसे तू सुख पाएगा, कमी देख इंसान 2 अच्छाई को ग्रहण कर, शिक्षक सकल जहान कमियों पर पर्दा पड़ा, कैसे हो कल्याण

प्रकृति संतुलन बिगड़ता, आते बाढ़ अकाल संरक्षण पर्यावरण, कर लीजै तत्काल 2 दूषित पर्यावरण है, कहत पुकार पुकार जीवन की रक्षा करो, आदत मनुज सुधार

सब धर्मो का सार है, दया, त्याग, उपकार मानव जो रक्षा करे, ये तीनो उपहार 2 सत्य, अहिंसा, ग्यान, है, आवश्यक अति जान अपना कर इनको सदा, बनते हैं इंसान