जब भी खुशियों के पल आयें
खूब आनन्द लीजिये,
जिन्दगी की खूबसूरती का
खूब आनन्द लीजिये।
जीवन संघर्ष का दूसरा नाम है,
जूझना अपना काम है,
लेकिन कर्म का भी
मिलता दाम है।
मगर कर्म के बाद भी
न मिल पाए फल
तब भी न होइये निराश,
छोटी छोटी बातों पर
कीजिये ख़ुशियों का अहसास,
जब खुशी आई
तब नहीं नाचे,
तो कब नाचोगे
दुख भुलाना होगा,
खुशी खोजनी होगी
बाकी दुःख सुख की बातें तो
अब तक भोगी हैं,
आगे भी भोगनी होंगी।
खूब आनन्द लीजिये
Comments
4 responses to “खूब आनन्द लीजिये”
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जब भी खुशियों के पल आएंगे
खूब आनंद लीजिए ।
सुंदर रचना सतीश जी -

सुंदर विचार
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बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
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छोटी-छोटी बातों पर कीजिए खुशियों का एहसास ,
आनंद का बहुत सुंदर वर्णन ।
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