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  1. कविता की आलोचना- देशप्रेम से ओतप्रोत भाव हैं। शब्दों में कुछ त्रुटियां दृष्टिगोचर हैं, जैसे- वलिदान’ के स्थान पर ‘बलिदान’ औऱ शरहद’ के स्थान पर ‘सरहद’ शुद्ध शब्द होगा।

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