मत हो निराश

हो सकता है,
मेहनत से बहुत कुछ
हो सकता है।
संभावनाएं होती हैं,
हर किसी बात की
कुछ न कुछ संभावनाएं
होती ही हैं।
एक आशा की किरण
पासा पलट देती है,
मंजिल पर सच्ची नजर
किस्मत बदल देती है।
आज समस्या यदि है
कल सरलता भी होगी
ठोस बर्फ में कल
तरलता भी होगी।
आज बीज है
कल पौध भी उगेगी
परसों पेड़ भी उगेगा
एक दिन फल भी लगेगा।
बंजर को खोद ले
खाद-पानी डाल
कल खुद देखना
मेहनत का कमाल।
आज हीनता है
कल होगा मालामाल
बस घेर न पाए तुझे
निराशा का जाल।
हर चीज में
संभावनाएं तलाश,
युक्ति लगाकर चल
मत हो निराश।

Comments

4 responses to “मत हो निराश”

  1. Ekta Gupta

    हर चीज में संभावनाएं तलाश
    युक्ति लगा कर चल मत हो निराश
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

  2. Amita Gupta

    मत हो निराश
    बहुत सुंदर रचना

  3. अतिसुंदर भाव

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