सब मिलकर करें मजदूरों का सम्मान

जब परमपिता परमेश्वर ने हम सबको है सामान बनाया,
ना जाने कितने समाज में ऊंच-नीच ,भेदभाव का नियम बनाया,
मजदूरों की मेहनत पर,
हम सारे सुखों को भोगते हैं,
जिस अन्न को खाते,और जिस घर में रहते,
उसे मजदूर अपने खून पसीने से सींचते हैं,
मानवता के नाते देखें,
मजदूर भी तो एक इंसान है,
चाहे अमीर, चाहे गरीब सबकी तरह,
इनके तन में भी बसती जान है,
मजदूरी करना कोई पाप नहीं,
आजीविका का साधन है इनका,
ऊंच-नीच का भेद मिटाओ मन से,
सब जन मिलकर आभार व्यक्त करो इनका।।
(आप सभी को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं)—अमिता–

Comments

11 responses to “सब मिलकर करें मजदूरों का सम्मान”

    1. Amita Gupta

      Thanks

    2. Amita Gupta

      Thanks a lot

    1. Amita Gupta

      Thank you

  1. Ekta Gupta

    मजदूर दिवस पर रचित आपकी बहुत सुंदर रचना

    1. Amita Gupta

      आपका सादर अभिनंदन

  2. vikash kumar

    Great and very beautiful poem.

  3. vikash kumar

    सामान
    समान
    सम्मान

  4. vikash kumar

    मजदूरी करना कोई पाप नहीं,
    आजीविका का साधन है इनका,
    ऊंच-नीच का भेद मिटाओ मन से,
    सब जन मिलकर आभार व्यक्त करो इनका।।

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