अच्छे दिन आएंगे मितवा

आई है जब से महामारी ये मितवा
हर तरफ का मंजर दुखदाई है मितवा
न हर्षित मन न पुलकित तन
गुनगुनाया जाये न‌ कोई गीतवा
सरकार अऊ डॉक्टर देते एकै संदेशवा
‘दो गज दूरी’ और ‘मास्क जरूरी’
‘घर पर रहो’ हाथ सैनिटाइज’ करो
रखौ पूरी तैयारी रे मितवा
आए जब वैक्सीनेशन की बारी
टीका लगवाना जरूरी रे मितवा
मिलना नही जरूरी है इतना
तुम्हारा सबके बीच होना ज़रूरी है मितवा
इस महामारी के काले बादल छट जाएंगे मितवा
मन में रखों विश्वास
अच्छे दिन आयेंगें मितवा
__✍️ एकता

Comments

10 responses to “अच्छे दिन आएंगे मितवा”

  1. राकेश पाठक

    Very nice

    1. Ekta

      धन्यवाद

  2. आपकी रचना बहुत अच्छी है

    1. Ekta

      आपका सादर अभिनंदन
      🙏🙏

  3. यथार्थ रचना सुंदर संदेश देती हुई

    1. Ekta

      धन्यवाद प्रज्ञा जी

  4. Amita

    इस महामारी के काले बादल छट जाएंगे मितवा,
    बहुत ही सुंदर प्रेरणादायक रचना

    1. Ekta

      धन्यवाद अमिता

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